उंगलियों के बीच पहले
कुछ पंक्तियां -
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उंगलियों के बीच पहले उसे खूब मरोड़ा जाता है
तब कहीं जाकर तागे को सूई में डाला जाता है।
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उंगलियों के बीच पहले उसे खूब मरोड़ा जाता है
तब कहीं जाकर तागे को सूई में डाला जाता है।
कर्णधार देश का जिसे बताते हैं सभी सयाने
उसी युवा को सड़क पर सरेआम रघोड़ा जाता है।
पाप पुण्य सही गलत पैसे और पहुंच से परिभाषित
दबे कुचले शोषित को आइना दिखाया जाता है।
परों को काटकर जिन्हें अपने इर्द गिर्द सजाया था
शांति की खातिर उन्हीं परिन्दों को उड़ाया जाता है।
ईमान धरम वोट कोट जब नोटों में बिक जाए
तब कहां हक़ के लिए हक़ से कहा जाता है।
याद है भट्ट मास धान और मडुवा की फसल?
अच्छी पैदावार के लिए इन्हें भी गोड़ा जाता है।
फरियाद अगर बहरों की अदालत में हो तो फिर
राजा के कान पर जोर-जोर से चिल्लाया जाता है।
हाथों में उनके हर वक्त राजीव हो जरूरी नहीं
जरूरत हो तो हरि द्वारा सुदर्शन भी उठाया जाता है।
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डॉ राजीव जोशी
आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में गुरुवार 13 अगस्त, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
ReplyDeleteबहुत सार्थक रचना
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